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महिलाओं का सम्मान

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महिला सशक्तिकरण- अधिकार कर्तव्य

महिलाये शक्तिशाली बनती है जिससे वह अपने जीवन से जुड़े सभी फैसले स्वयं ले सकती है, और परिवार और समाज में अच्छे से रह सकती है।

महिला सशक्तिकरण में मुख्य बाधा -

दहेज़ प्रथा , कन्या भूर्ण हत्या, घरेलू हिंसा, महिला व पुरुष बराबर परिश्रमिक नहीं मिलना, योन शोषण आदि महिला सशक्तिकरण में मुख्य बाधा है।

  1. महिलाओं की आध्यात्मिक, राजनितिक, सामाजिक एवं आर्थिक शक्ति में वृद्धि करना।
  2. महिलाओं को घर की चार दीवारों से बहार निकाल कर पुरुषों के समान्तर स्थापित करना है। सही मायने में महिला सशक्तिकरण है। इसके लिए महिलाओं के लिए बने कानूनों के प्रति जागरूक व संवेदनशील बनाने के लिए सदत विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया जाना।

महिलाओ की स्थिति में सुधार कैसे किया जा सकता है।

समय के साथ सरकार ने महिलाओ की स्थिति सुधरने के लिए कई कानून बनाये है। जिसमे -

  1. स्त्री शिक्षा को अनिवार्य किया गया है।
  2. लड़की की मर्ज़ी के वगैर शादी पैर प्रतिबन्ध लगाया गया है।
  3. तलाक को कानूनी दर्जा दिया गया है।
  4. अब महिलाएं अपनी मर्ज़ी के अनुसार किसी भी हुनर के लिए ट्रेनिंग ले सकती है।

महिला सशक्तिकरण में शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है-

बिना शिक्षा के महिला की प्रस्थिति में सकारात्मक परिवर्तन असंभव है।

शिक्षा के माध्यम से महिलाओ में जागरूकता आयी है। वे अपने बारे में सोचने लगी है। उन्होंने महसूस किया है की घर से बाहर भी जीवन है। महिलाओ में आत्म विश्वास का संचार हुआ है उनके वक्तित्व में निखार आया है।

नारी मुक्ति का मतलब

  1. अंधविश्बासों, कुरीतियों, दहेज़ प्रथा सती प्रथा आदि का विरोध करना।
  2. एक जागरूक सचेत नागरिक बनकर स्वाभिमान से जीना नारी मुक्ति का असली मतलब है - पुरुषो ने पुरुष होने में जितना विकास किया, नारी नारी होने में उतना विकास करे।

अभी भी भारत के कई हिस्सों में समाज में महिलाओं को उचित अधिकार प्राप्त नहीं है उन्हें पुरुषों से कमतर समझा जाता है। इसलिए हमे जरूरत है महिला सशक्तिकरण की। महिला सशक्तिकरण के बिना अन्याय लैंगिक पक्षपात और असमानता को दूर नहीं किया जा सकता है। यह महिलाओं की कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है।

वर्तमान में स्त्रियों की समस्या, असमान लिंगानुपात, स्त्रियों औसत आयु में कमी, एवं मृत्युपर की अधिकता के लिए बालविवाह, प्रसव काल में स्त्रियों की मृत्यु स्त्रियों की आर्थिक परिनिर्भरता लड़कियों की अपेक्षा लड़कों को अधिक कुपोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का आभाव आदि उत्तरदायी है।

भारत में महिलाओं की भूमिका -

महिलाये परिवार बनती है। परिवार घर बनता है। घर समाज बनता है और अच्छा समाज ही अच्छा देश बनता है।

हमे नारी का सम्मान क्यों करना चाहिए?

महिला के शुभ क़दमों से ही घर में श्रेष्ठता और सम्पन्नता बनी रहती है जिस घर में सद्गुण सम्पन्न नारी सुखपूर्वक निवास करती है, उस घर में सदैव सम्पन्नता रहती है। यदि घर की महिलाये खुश, सुखी और स्वस्थ है। तो वह घर भी हमेशा भरा पूरा रहता है। महिला किसी परिवार की घुरी होती है। इसलिए महिलाओं का सम्मान अति आवश्यक है।

हम महिलाओ का सम्मान कैसे करे।

1
लड़की को न लगे असुविधाजनक
2
कपड़ो से न करे जज
3
महिलाओ को दे स्वतंत्रता
4
पत्नी की भावनाओ की कद्र करे
5
बोल्ड नेस को न समझे कमजोरी
6
टक्कर नहीं रखे हेल्थी कम्पटीशन
7
फाइनेंसियल प्लानिंग का हिस्सा बनाये
8
टैलेंट को दे बढ़ावा
9
कॉन्फिडेंस बढ़ाने में मदद करे
10
कायम करे मिसाल

इन 10 कसमो के साथ बदले अपना नजरिया और करे नारी का सम्मान।

महिला सशक्तिकरण से सम्बंधित प्रमुख सरकारी योजनाए -

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ - उज्जवला योजना - स्वाधार ग्रह - प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना - प्रधानमंत्री मातृ शक्तिकेंद्र योजना - वन स्टाम्प सेण्टर

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